SEO वेबसाइट की रैंकिंग को बढ़ाने का कारगर तरीका है। वेबसाइट को SEO ऑप्टिमाइज़ करना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे ज्यादा लोग वेबसाइट पर आते हैं। आपकी पोस्ट्स को सर्च इंजन में उच्चतम पर लाने के लिए और ज्यादा ट्रैफिक प्राप्त करने के लिए, ब्लॉग को SEO-योग्य बनाएं। अगर आप चाहते हैं कि आपका ब्लॉग Google के शीर्ष पर दिखाई दे और अधिक ट्रैफिक मिले, तो यहाँ हैं कुछ महत्वपूर्ण SEO टिप्स: -
नए ब्लॉगर्स के लिए जबरदस्त SEO टिप्स
1. Domain name सेलेक्ट करे :
किसी भी ब्लॉग के लिए नाम अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह उसका वेब पता होता है, जिसे हम डोमेन कहते हैं। किसी भी व्यक्ति या चीज की पहचान उसके नाम से ही होती है, ठीक उसी तरह एक ब्लॉग की पहचान उसके डोमेन नाम से होती है। इससे पठकों को आपकी वेबसाइट पर जाना आसान होता है, और बिना डोमेन नाम के आपकी वेबसाइट पर पहुँचा नहीं जा सकता है।
एक डोमेन नाम को हमेशा आकर्षक और संक्षेप में रखना चाहिए, ताकि यह याद करने में आसान हो, और इसे टाइप करना भी सरल हो। इसलिए, डोमेन का चयन करते समय ध्यानपूर्वक विचार करना आवश्यक है, ताकि आप एक सुंदर और यादगार डोमेन नाम को चुन सकें, जो लंबे समय तक लोकप्रिय रहे।
एक उचित डोमेन नाम से आपके ब्लॉग को विश्वसनीयता मिलती है और आगंतुकों को आपको आसानी से खोजने में मदद मिलती है। डोमेन नाम के बिना, लोगों को आपका IP पता याद रखना पड़ता है, जो कि कठिन हो सकता है, और यह याद रखना भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए, वेबसाइट या ब्लॉग के दर्शकों को बढ़ाने के लिए उचित डोमेन नाम का चयन बहुत आवश्यक है।
2. Niche Topic का चयन करें:
एक सशक्त ब्लॉग की शुरुआत में सही Niche का चयन करना महत्वपूर्ण है। ब्लॉग के ज्यादा पाठकों को प्राप्त करने के लिए हमें उच्च गुणवत्ता वाले निचे का चयन करना होगा। निचे, किसी ब्लॉग के विषय को कहा जाता है, जिसमें किसी विशिष्ट विषय पर लेख लिखा जाता है। निचे का सही चयन नहीं किया जाता तो ब्लॉग पर नकारात्मक प्रभाव हो सकता है।
अगर हमारा चयन गलत होता है तो ब्लॉग की सफलता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है और इससे ब्लॉग को पढ़ने के लिए लोगों की रुचि कम हो सकती है। निचे के कारण, उपभोक्ता को वेबसाइट खोजना आसान होता है।
सही निचे का चयन न करना किसी ब्लॉग की असफलता का कारण हो सकता है। गलत चयन के कारण ब्लॉग की सफलता के अवसान बढ़ सकते हैं, निचे या टॉपिक के कारण ही ब्लॉग के विषय के बारे में पता चलता है कि इसमें किस प्रकार की जानकारी दी गई है, जैसे - Food, Fashion, Health, इत्यादि, जो विभिन्न प्रकार के निचे हैं।
अधिकांश ब्लॉग एक ही निचे पर आधारित होते हैं, जिससे वे एक ही प्रकार की जानकारी प्रदान करते हैं। उनमें समान प्रकार के विषय होते हैं, जैसे Health पर अगर कोई ब्लॉग है तो उसमें स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी ही होगी, लेकिन कुछ सामान्य निचे होते हैं, जिनमें सभी प्रकार के सामग्री देखने को मिलते हैं।
निचे का चयन करने का सर्वोत्तम तरीका यह है कि हमेशा ध्यान रखें कि जिस निचे पर आपका ब्लॉग है, उसमें आपको रुचि हो तथा आपको उस विषय के बारे में अच्छी जानकारी और अनुभव हो। लेकिन यह भी ध्यान देना आवश्यक है कि उस विषय के बारे में जानने के लिए लोग भी उत्सुक हों।
3. सही Hosting सेलेक्ट करे :
नए ब्लॉग की शुरुआत में सबसे महत्वपूर्ण है सही होस्टिंग का चयन करना। अगर आपका ब्लॉग पाठकों द्वारा ठीक से देखा नहीं जा रहा है, तो संभावना है कि होस्टिंग समस्या का कारण हो सकती है। होस्टिंग आपके ब्लॉग के लिए स्थान का निर्धारण करती है।
एक अच्छी होस्टिंग सेवा आपके ब्लॉग को सुरक्षित बनाती है, यानी कि हैकिंग से बचाती है, और अच्छी ग्राहक सेवा वाली होस्टिंग चुनने से आपकी साइट का डाउन टाइम कम होता है, अर्थात साइट कभी भी डाउन नहीं होती है।
होस्टिंग ब्लॉगर्स के लिए अपने ब्लॉग को सभी दर्शकों के लिए हर समय सक्रिय और सुलभ बनाना है। होस्टिंग सेवाएं उपयोगकर्ताओं को वेबसाइट से संबंधित फाइलों और ब्लॉग के सभी आवश्यक डाटा को संग्रहीत रखती हैं। आपका ब्लॉग होस्टिंग के माध्यम से इंटरनेट और उसके दर्शकों से जुड़ जाता है, इसलिए ब्लॉगिंग के लिए एक विश्वसनीय होस्टिंग प्लेटफॉर्म का चयन करना आवश्यक है।
4. Keyword Research सही से करे :
रिसर्च करना ब्लागिंग का महत्वपूर्ण भाग है, बिना keyword रिसर्च के ब्लॉग में ट्रैफिक आना संभव नहीं है, जब कोई उपयोग करता search engine में कुछ search करता है तो इसे ही keyword कहा जाता है, keyword research से यह भी आशय है कि आपने यह खोज करनी है कि कौन सा keyword कितनी बार search किया जाता है, उदाहरण के लिए यदि किसी keyword को महीने में 3000 बार search किया गया है तो 3000 उस keyword का search वॉल्यूम है, इस प्रकार यदि आप अधिक search वॉल्यूम वाले keyword पर काम करेंगे तो आपके ब्लॉग में अच्छा ट्रैफिक आयेगा,
इसलिए ब्लागिंग में सफल होने के लिए keyword का ज्ञान होना अति आवश्यक है, इसलिए एक ब्लॉगर को keyword की जानकारी हासिल करते रहना चाहिए, अगर किसी keyword को उपयोगकर्ता किसी भी search engine में search नहीं करता तो इसका मतलब यही है कि उस keyword का कुछ भी महत्व नहीं है, इसके लिए internet पर ज्यादा से ज्यादा article पढ़ने की जरुरत है,इससे यह पता चलता है कि लोग आजकल नेट पर क्या ढूंड रहे हैं और कौन सा टॉपिक Trend में है,
अत: ब्लागिंग में सफल होने के लिए keyword रिसर्च का बहुत महत्व है |
5. Detail Post लिखे :
ब्लॉग पोस्ट को विस्तार से लिखने का मतलब है कि जिस विषय पर आप लेख रहे हैं, उसके सभी पहलुओं को विस्तारपूर्वक समझाएं। कोई भी महत्वपूर्ण बिंदु छूटने नहीं चाहिए, और पाठकों को पूर्ण संतुष्टि होनी चाहिए। ऐसा संभावना है जब पोस्ट को विस्तार में लिखा जाता है, इसलिए किसी भी पोस्ट में कम से कम 1000 शब्द होने चाहिए।
एक उचित गुणवत्ता वाला पोस्ट हमेशा विस्तृत होता है, जिससे पढ़ने वाले को कोई भी संदेह नहीं होता। ब्लॉग पोस्ट जितनी लंबी होगी, उतनी ही अधिक इंटरनेट ट्रैफिक बढ़ने की संभावना होगी, क्योंकि लंबी पोस्ट में अधिक विशिष्ट और उपयोगी जानकारी होती है। लंबी पोस्ट में आप किसी विषय को गहराई से कवर कर सकते हैं, एक विशेष ब्लॉग पोस्ट यह साबित करता है कि आपने उस पर विशेष रूप से शोध किया है। यदि कोई पाठक आपके ब्लॉग पर अधिक समय तक रुकता है, तो आपकी पोस्ट उच्च रैंक करेगी, क्योंकि तब Google इसे अधिक रोचक और आकर्षक रूप से देखेगा।
इसलिए यह आवश्यक हो जाता है कि पोस्ट डिटेल में हो और विस्तारपूर्वक सबकुछ समझाने में सक्षम हो |
6. Keyword Density चेक करे :
किसी पोस्ट में किसी एक कीवर्ड की प्रयोग दर keyword density कही जाती है, अर्थात keyword density से यह पता चलता है कि किसी पोस्ट में एक कीवर्ड कितनी बार प्रयुक्त हुआ है।
मान लिया जाए कि हजार शब्दों वाली किसी पोस्ट में कोई कीवर्ड 20 बार इस्तेमाल किया जाता है, तो उस कीवर्ड की density 2% होगी और 2% की density को सबसे उत्तम माना जाता है, SEO विशेषज्ञ यह कहते हैं कि कीवर्ड density 1 से 3% के बीच रहनी चाहिए, ज्यादा density होने पर इसका पोस्ट के लिए हानिकारक प्रभाव हो सकता है, क्योंकि यह सीओ पर उलटा प्रभाव डाल सकता है। कीवर्ड density की जाँच करने के लिए कई ऑनलाइन उपकरण उपलब्ध हैं, जिनकी सहायता से कीवर्ड density को आदर्श सीमा के भीतर रखा जा सकता है।
इसलिए, कीवर्ड density की निगरानी रखना आवश्यक है, और ज्यादा density होने पर Google का सर्च इंजन पोस्ट की रैंकिंग को कम कर सकता है और ट्रैफिक में कमी हो सकती है।
7. Post Ka Title Eye-Catching लिखे :
यहाँ पर eye catching Title से यह आशय है कि पोस्ट का शीर्षक बहुत ही आकर्षक व लुभावना हो,क्योंकि कोई भी पाठक तभी वह पोस्ट पढेगा जब उसका शीर्षक उसे प्रभावित करेगा और पढने के लिए प्रेरित करेगा, एक अच्छा शीर्षक लोगों को पढ़ने के लिए बाध्य कर देने की एक कुशल रणनीति के रूप में कार्य करता है, ब्लॉग द्वारा उच्च कमाई करने वाले ब्लागरों का यही रहस्य है कि वे आकर्षक और ध्यान खींचने वाले शीर्षकों का उपयोग करते हैं इसलिए जब तक आप अपनी पोस्ट के शीर्षक से पूर्णतया संतुष्ट न हों तब तक पोस्ट को पब्लिश करने से बचना चाहिए
इस प्रकार ब्लॉग पर पोस्ट को लोकप्रिय बनाने के लिए और पाठकों को आकर्षित करने के लिए एक अच्छे व लुभावने शीर्षक का अपना अलग ही महत्व है |
8. SEO settings प्रॉपर करे :
आज के समय में बहुत ही ज्यादा कम्पीटीशन हो चुका है, इसलिए सफल ब्लागर बनने के लिए नए ब्लागर को यह ज्ञान होना अत्यंत आवशयक है कि वह अपने ब्लॉग पर कैसे बेहतर SEO के हिसाब से ब्लॉग पोस्ट बनाए ताकि उसका ब्लॉग google के first page पर रैंक हो सके , गूगल सर्च result में आपके ब्लॉग पोस्ट का न आना यह दर्शाता है कि आपका SEO बिलकुल भी सही नहीं है,
SEO = Search Engine Optimization, यह एक ऐसा तरीका है जिसके द्वारा हम अपने ब्लॉग को इस अनुकूल बनाते हैं कि हमारे ब्लॉग का article search engine में Rank कर सके और हमारे ब्लॉग पर traffic आ सके,
अगर आप सफलता पूर्वक अपने ब्लॉग article का SEO करते हैं तो आप पाठकों में popular होते चले जायेंगे, और उनके मन में आपके प्रति एक जानकार और भरोसेमंद लेखक के छवि बनेगी, सही SEO के कारण आपके ब्लॉग को एक सुब्यावस्थित ब्लॉग की श्रेणी में गिना जाएगा जो कि गुणवत्ता पूर्ण सामग्री प्रस्तुत करती है, और यह सब बातें आपको उच्च रैंक दिलवाने में मदद करेंगी|
9. Sitemap submit करे :
साईट मैप हमारी साईट की एक ऐसी फ़ाइल है जो google को बताती है कि आपकी साईट पर किन-किन पेजों की जानकारी मौजूद होनी चाहिए, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है साईट मैप वेबसाइट का मानचित्र है, जो कि सर्च इंजन को आपकी वेबसाइट की सारी सामग्री को खोजने में मदद करती है तथा उन्हें क्रमानुसार रखती है,
साईट मैप में आपके ब्लॉग के पेज और पोस्ट की details लिखी होती है कि कौन सा पोस्ट कब लिखा गया और कब अपडेट हुआ है, इस प्रकार साईट मैप की मदद से search engine आपकी पोस्ट को जल्दी index करता है |
10. Permalink सही से बनाये :
यह वह वेब पृष्ठ का URL है जो पूरे जीवन के दौरान नहीं बदलता है, इसलिए इसे स्थायी लिंक या PermaLink कहा जाता है। URL एक पृष्ठ का पता बताता है।
यहेशा https से शुरू होना चाहिए, जो दिखाता है कि आपका वेब पृष्ठ सुरक्षित है। Permalink छोटा होना चाहिए, पर इससे यह भी पता चलना चाहिए कि यह किस बारे में है, और साथ ही यह कोशिश की जानी चाहिए कि Permalink SEO Friendly हो, क्योंकि सर्च इंजन वेब पृष्ठ के URL से ही रैंकिंग तय करते हैं।
अगर आप Permalink का उपयोग नहीं करते हैं तो आप सिर्फ अपने मुख्य ब्लॉग पृष्ठ को ही लिंक कर रहे होते हैं और जब आप नई पोस्ट करते हैं तो नई प्रविष्टि आपके मुख्य ब्लॉग के शीर्ष पर दिखाई देती है, लेकिन पिछली पोस्ट नीचे की और चली जाती है, और पाठक को ढूंढ़ने में कठिनाई होती है, इसके लिए Permalink की आवश्यकता होती है।
11. Image SEO करे :
एक Image का महत्व हजारों शब्दों के समान होता है, 'A Picture is Worth a Thousand Words' - ब्लॉग पोस्ट और लेख में इमेज का उपयोग करने से Google में आपकी रैंकिंग में सुधार होती है। कई स्थितियाँ ऐसी होती हैं जिन्हें शब्दों में समझाना मुश्किल होता है, इसलिए Image का इस्तेमाल करना आवश्यक है। इस प्रकार की स्थिति में, यदि आप इमेज का उपयोग नहीं करते हैं, तो नुकसान हो सकता है।
इमेज को SEO करना यह मतलब है कि इमेज को सर्च इंजन के लिए अनुकूल बनाएं, किसी भी इमेज को डाउनलोड करने के बाद उसे Rename और Resize करना आवश्यक है, इमेज ज्यादा बड़ी होने पर इसे लोड होने में ज्यादा समय लगता है, इसलिए सही साइज़ का चयन आवश्यक है। Image का चयन इस प्रकार से होना चाहिए कि देखते ही पता चले कि पोस्ट किस बारे है, हमेशा Copyright Free इमेज का ही उपयोग करें।
एक अच्छी इमेज आपको ट्रैफिक भी देती है और ब्लॉग को देखने में सुंदर बनाती है। एक अच्छी इमेज किसी ब्लॉग के ट्रैफिक को 25 से 30% तक बढ़ाने की क्षमता रखती है।
12. Meta Description Tags का उपयोग करें
Meta Description, एक HTML एलीमेंट है जो किसी वेब पृष्ठ के बारे में संक्षेप रूप से जानकारी प्रदान करता है। यह पृष्ठ में मौजूद सामग्री का संक्षेप होता है और Meta Description से सर्च रैंकिंग पर प्रभाव पड़ता है। ये संक्षेप पैराग्राफ होते हैं जो पढ़ने वाले को यह तय करने में मदद करते हैं कि पृष्ठ क्या है, और क्या जानकारी उन्हें मिलेगी जो वे ढूँढ़ रहे हैं। आपने यह बताया होता है कि आपका पृष्ठ किस विषय पर है।
Meta description कभी भी बहुत नीरस, कठिन या गूढ़ नहीं होना चाहिए। इसमें वही बातें होनी चाहिए जो आपकी पोस्ट में हैं। इसलिए सुनिश्चित करें कि आपके ब्लॉग की प्रत्येक पोस्ट के लिए meta description उपलब्ध हो।
13. H1 H2 H3… Heading प्रॉपर दे :
H1, H2, H3 को ब्लॉग पोस्ट की दुनिया में 'हेडर टैग' कहा जाता है, इन्हें HTML टैग्स के रूप में भी जाना जाता है। इसके माध्यम से हम अपनी पोस्ट को Heading में H1, H2, H3 वगैरह में विभाजित करते हैं। इनमें H1 से लेकर H6 तक कई लेवल्स होते हैं, जिनमें H1 टैग सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण होता है, जबकि H6 टैग सबसे छोटा होता है।
इनका उपयोग करके हम अपने आर्टिकल को आकर्षक और व्यवस्थित बना सकते हैं, जिससे आगंतुकों की संख्या बढ़ सकती है। इसलिए हमेशा ब्लॉग का स्ट्रक्चर H1, H2, H3 के क्रम में होना चाहिए।
14. External Links प्रॉपर करे
जब कोई अन्य वेबसाइट आपकी साइट से लिंक करती है, तो उसे आपकी साइट का External Links कहा जाता है। इसी रूप में, यदि आप अपनी साइट को किसी अन्य वेबसाइट से Link करते हैं, तो भी इसे External Links कहा जाएगा। External Links भी रैंकिंग के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, जब आप अपनी साइट को अन्य साइटों से लिंक करते हैं, तो आपके संबंध बनते हैं और आपकी पहुँच बढ़ती है, जिससे आपके वेबपृष्ठ की पॉपुलैरिटी बढ़ जाती है।
यदि आप किसी ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से किसी अन्य व्यापार के लिए External Links बनाते हैं, तो आप अन्य व्यापार तक भी पहुँच बना लेते हैं और यह आपके साइट पर बैक लिंक भी प्रदर्शित करता है, इसलिए आप अपने ग्राहकों को बाह्यिक लिंक से अधिक से अधिक मूल्यवान जानकारी प्रदान करते हैं।
15. Internal linking प्रॉपर करे
Internal linking वे होते हैं जो एक ही डोमेन में एक दूसरे पृष्ठों को जोड़ती हैं, अर्थात यदि आप किसी पोस्ट पर किसी अन्य पृष्ठ का link देते हैं तो वह अन्य पृष्ठ के बारे में सूचित करता है। पाठक को सहायता के लिए Internal रूप से लिंक देना उपयुक्त होता है, उदाहरण के लिए, यदि हम किसी ब्लॉग में किसी उत्पाद की समीक्षा कर रहे हैं, तो पाठक को सहायता के लिए उत्पाद पृष्ठ का लिंक देना सहायक हो सकता है।
एक ब्लॉग पोस्ट को दूसरे ब्लॉग पोस्ट से लिंक करना एक पाठक द्वारा आपकी साइट पर समय बिताने का एक अच्छा तरीका है। जितना अधिक समय वे वहां बिताएंगे, उतने ही अधिक पृष्ठ वे विभिन्न लिंकों के माध्यम से देख पाएंगे। एक Internal linking google को आपकी साइट को अधिक क्रॉल करने में मदद करता है, जिससे आपको ज्यादा सर्च ट्रैफिक मिलता है। आंतरिक लिंकें हमेशा आपके एसईओ को बढ़ावा देती हैं।"
निष्कर्ष (conclusion) :
इस प्रकार से SEO किसी वेबसाइट के लिए कितना जरुरी है और जो अच्छे से सर्च इंजन में प्रदर्शित करने में मदद करता है। यहां हमने सरल और स्पष्ट शब्दों में SEO के महत्व और इसे बढ़ाने के कुछ आसान टिप्स को समझाने का प्रयास किया है।
हमारा उद्देश्य है कि आप इन SEO टिप्स का पालन करके अपने ब्लॉग या वेबसाइट को सफलतापूर्वक प्रमोट कर सकें। यदि आप blogging सीखना चाहते हैं, तो हमारी वेबसाइट आपके लिए सहायक हो सकती है। यहां हम blogging के बारे में जानकारी और टिप्स उपलब्ध कराते हैं।
उम्मीद है आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट के लिए इन seo टिप्स को फॉलो जरुर करेंगे धन्यवाद् |